Pavel Durov Arrested: जियोपॉलिटिक्स प्रेशर या कुछ और? Telegram ऐप के CEO पावेल डुरोव पेरिस में गिरफ्तार

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<p style="text-align: justify;">टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के सीईओ पावेल डुरोव को फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया है. टीएफ वन टीवी ने इसकी जानकारी शेयर की है. जानकारी के मुताबिक, टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के अरबपति संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव को शनिवार की शाम पेरिस के बाहर बॉर्गेट एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया. टीएफ वन के मुताबिक डुरोव अपने निजी जेट से यात्रा कर रहे थे. हालांकि, टेक कंपनी की ओर से अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलीग्राम एप से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. दरअसल, टेलीग्राम पर मॉडरेटर की कमी पर फ्रांस पुलिस ने जांच केंद्रित की है. पुलिस का कहना है कि मॉडरेटर की कमी की वजह से मैसेजिंग ऐप पर आपराधिक गतिविधि को बेरोकटोक जारी रखने की अनुमति मिली. डुरोव अजरबैजान से बीते दिन फ्रांस पहुंचे थे, जहां उन्हें गिरफ्तार किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टेलीग्राम ने नहीं दी है प्रतिक्रिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">टेलीग्राम ने इस मामले में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. फ्रांस के गृह मंत्री और पुलिस की तरफ़ से अभी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. साल 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला बोलने के बाद से ही टेलीग्राम युद्ध के आसपास की राजनीति को लेकर दोनों पक्षों के बीच ‘अनफ़िल्टर्ड कंटेंट’ का सबसे प्रमुख प्लेटफार्म बन गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की और उनके अधिकारियों के लिए बातचीत का भी सबसे प्रमुख माध्यम है. क्रैमलीन और रूसी सरकार भी इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल अपनी ख़बरों को शेयर करने के लिए करती है. हाल के समय में टेलीग्राम उन प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया है, जहां से रूसी युद्ध के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टेलीग्राम सबसे प्रमुख मैसेजिंग ऐप में से एक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दुबई में स्थित टेलीग्राम की स्थापना रूस में जन्में ड्यूरोव ने की थी. अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म, जिसे उन्होंने बेच दिया था, पर विपक्षी समुदायों को दबाने की सरकार की मांग को मानने से इनकार करने के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था. ग़ौरतलब है कि रूस, यूक्रेन समेत पूर्वी सोवियत देशों में फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम के बाद टेलीग्राम सबसे प्रमुख मैसेजिंग ऐप है.</p>

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