Reliance से हाथ मिलाने की तैयारी कर रही हैं Meta और OpenAI, भारत में यूजर्स को होगा ये फायदा

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<p style="text-align: justify;">भारत में अपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पेशकश बढ़ाने के लिए OpenAI और Meta ने Reliance से बातचीत की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान रिलायंस जियो और OpenAI के बीच साझेदारी को लेकर बात हुई है. बता दें कि रिलायंस जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है और OpenAI AI चैटबॉट ChatGPT बनाकर सुर्खियों में आई थी. आइए जानते हैं कि इस बातचीत के बारे में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्लान सस्ते कर सकती है OpenAI&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि OpenAI ने अपने कर्मचारियों से ChatGPT के सब्सक्रिप्शन प्लान सस्ते करने को लेकर विचार-विमर्श किया है. हालांकि, यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि कंपनी ने रिलायंस के साथ बातचीत के दौरान इसे लेकर कोई चर्चा की है या नहीं. रिलायंस की बात करें तो उसने API के जरिए अपने इंटरप्राइज कस्टमर्स को OpenAI के मॉडल बेचने को लेकर चर्चा की थी. इसके अलावा रिलायंस ने OpenAI के मॉडल्स को भारत में होस्ट और रन करने को लेकर भी ऑफर दिया है ताकि स्थानीय यूजर्स का डेटा भारत में ही स्टोर हो सके. इसके बाद भारतीय यूजर्स का डेटा बाहर नहीं जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मेटा के साथ भी ऐसी ही चर्चा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">OpenAI के अलावा रिलायंस ने मेटा के साथ भी उसके AI मॉडल्स को कंपनी के जामनगर में बनने जा रहे डेटा सेंटर से रन करने की बातचीत की है. बता दें कि रिलायंस गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर बनाने जा रही है. इस सेंटर की कुल क्षमता 3 गीगावॉट होगी और दुनिया में इसका कोई मुकाबला नहीं होगा. अभी ज्यादातर ऑपरेशनल डेटा सेंटर अमेरिका में हैं और उनमें से अधिकतर की क्षमता एक गीगावट से भी कम है. रिलायंस ने इस प्रोजेक्ट के लिए NVIDIA के साथ हाथ मिलाया है. इसमें लगने वाले AI सेमीकंडक्टर NVIDIA से लिया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ग्रीन एनर्जी से चलेगा डेटा सेंटर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डेटा सेंटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में एनर्जी की जरूरत होती है. कई विशेषज्ञ इसकी वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जता चुके हैं. अगर गुजरात में बनने वाले डेटा सेंटर की बात करें तो इसकी ज्यादातर जरूरतें ग्रीन एनर्जी से पूरी होंगी. रिलायंस इस इलाके में सौर, पवन चक्कियां और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट लगाने पर भी विचार कर रही है.&nbsp;</p>
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