128GB या 1TB लिखी होती है, फिर स्टोरेज आधी क्यों दिखती है? स्मार्टफोन कंपनियां यूजर्स से क्या छुपा रही हैं

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<p style="text-align: justify;"><strong>Smartphone Storage:</strong> जब आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं और बॉक्स पर 128GB, 256GB या फिर 1TB स्टोरेज लिखा देखते हैं तो उम्मीद होती है कि इतनी पूरी जगह आपको इस्तेमाल के लिए मिलेगी. लेकिन फोन ऑन करते ही सच्चाई सामने आ जाती है काफी स्टोरेज पहले से ही गायब होती है. यहीं से सवाल उठता है कि आखिर ये स्टोरेज जाती कहां है?</p>
<h2 style="text-align: justify;">ऑपरेटिंग सिस्टम खुद ले लेता है मोटा हिस्सा</h2>
<p style="text-align: justify;">हर स्मार्टफोन में Android या iOS पहले से इंस्टॉल होता है. यही ऑपरेटिंग सिस्टम फोन को चलाने के लिए जरूरी है और यही सबसे पहले स्टोरेज खाता है. आजकल Android का साइज ही 12 से 20GB तक पहुंच चुका है. यानी 128GB वाले फोन में शुरुआत से ही काफी जगह कम हो जाती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कंपनियों के प्री-इंस्टॉल ऐप्स भी जिम्मेदार</h2>
<p style="text-align: justify;">फोन ऑन करते ही आपको ढेर सारे ऐप पहले से मिलते हैं ब्रांड के अपने ऐप, पार्टनर ऐप्स, गेम्स और शॉपिंग प्लेटफॉर्म. इनमें से ज्यादातर ऐप्स यूजर के काम के नहीं होते लेकिन ये स्टोरेज लगातार खाते रहते हैं. कई ऐप्स को आप चाहकर भी पूरी तरह डिलीट नहीं कर पाते जो यूजर्स के लिए सबसे बड़ी परेशानी है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">सिस्टम फाइल्स और अपडेट भी बनते हैं बोझ</h2>
<p style="text-align: justify;">फोन को स्मूद चलाने के लिए सिस्टम फाइल्स, कैश और बैकग्राउंड डेटा जरूरी होता है. इसके अलावा हर नया सॉफ्टवेयर अपडेट भी कुछ अतिरिक्त स्टोरेज मांगता है. समय के साथ ये फाइल्स इतनी बढ़ जाती हैं कि यूजर को लगता है स्टोरेज अचानक भर गई.</p>
<h2 style="text-align: justify;">फोटो, वीडियो और WhatsApp बना रहे हैं फोन को भारी</h2>
<p style="text-align: justify;">आजकल कैमरा क्वालिटी इतनी बेहतर हो गई है कि एक फोटो ही कई MB की हो जाती है. 4K वीडियो, रील्स और सोशल मीडिया कंटेंट स्टोरेज को तेजी से भर देते हैं. WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स ऑटो-डाउनलोड की वजह से बिना बताए GBs में डेटा जमा कर लेते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कंपनियां पूरी सच्चाई क्यों नहीं बतातीं?</h2>
<p style="text-align: justify;">असल में कंपनियां स्टोरेज की कुल क्षमता बताती हैं न कि यूजर को मिलने वाली असली खाली जगह. ये बात बॉक्स या विज्ञापनों में साफ नहीं लिखी जाती. इसी वजह से यूजर को बाद में ठगा हुआ महसूस होता है. अगर स्टोरेज की समस्या से बचना है तो बेकार ऐप्स को डिसेबल करें, कैश साफ रखें और क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल करें. साथ ही फोन खरीदते समय जरूरत से ज्यादा स्टोरेज लेना ही समझदारी है.</p>
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