इजराइल का ईरान पर बड़ा साइबर हमला! लाखों लोगों को भेजा गया सरेंडर अलर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला

- Advertisement -



<p style="text-align: justify;"><strong>Iran-Israel:</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि Israel ने Iran में इस्तेमाल होने वाले एक लोकप्रिय नमाज ऐप को कथित रूप से हैक कर दिया और उसके जरिए लाखों लोगों तक ऐसे संदेश पहुंचाए जिनमें सैन्यकर्मियों से हथियार डालने और मौजूदा शासन से अलग होने की अपील की गई.</p>
<h2 style="text-align: justify;">हमलों के बीच भेजे गए नोटिफिकेशन</h2>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार, यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज थीं. The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट में बताया गया कि शनिवार तड़के भेजे गए ये पुश नोटिफिकेशन ईरान भर में बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंचे हो सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इन संदेशों में सेना और सुरक्षा बलों से कहा गया कि वे सरकार का साथ छोड़ दें और देश को मुक्त कराने की मुहिम में शामिल हों. इसे सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ सूचना और मनोवैज्ञानिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">संदेशों में क्या लिखा था?</h2>
<p style="text-align: justify;">तकनीकी मामलों पर रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट WIRED के मुताबिक, एक नोटिफिकेशन में लिखा था कि बदले का समय आ गया है और दमनकारी ताकतों को उनके कार्यों की सजा मिलेगी. साथ ही यह भी कहा गया कि जो लोग देश की रक्षा के नाम पर इस अभियान से जुड़ेंगे उन्हें माफी और सुरक्षा दी जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">एक अन्य संदेश में सुरक्षा बलों से अपील की गई कि वे या तो हथियार डाल दें या फिर आजादी की ताकतों का साथ दें तभी वे अपनी जान बचा पाएंगे.</p>
<h2 style="text-align: justify;">किस ऐप को बनाया गया निशाना?</h2>
<p style="text-align: justify;">बताया जा रहा है कि BadeSaba Calendar नाम का ऐप इस साइबर हमले का माध्यम बना. यह ऐप ईरान में रोजाना नमाज के समय और धार्मिक कैलेंडर देखने के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. अचानक आए इन अलर्ट्स ने यूजर्स को हैरान कर दिया.</p>
<h2 style="text-align: justify;">साइबर और मनोवैज्ञानिक जंग का संकेत</h2>
<p style="text-align: justify;">हालांकि इजराइल की ओर से इस कथित साइबर ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि इसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था का मनोबल कमजोर करना हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, ईरानी अधिकारियों की तरफ से इस मामले में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. हालांकि अतीत में तेहरान विदेशी सरकारों पर संघर्ष के दौरान साइबर हमलों के आरोप लगाता रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं रहा बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सूचना तंत्र भी रणनीतिक हथियार बन चुके हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href=" सेंटर ढूंढना हुआ सुपर आसान! UIDAI और Google Maps के साथ आने से एक क्लिक में मिलेगी सटीक लोकेशन</a></strong></p>

FacebookTwitterEmailLinkedInPinterestWhatsAppTumblrCopy LinkTelegramRedditMessageShare
- Advertisement -
FacebookTwitterEmailLinkedInPinterestWhatsAppTumblrCopy LinkTelegramRedditMessageShare
error: Content is protected !!
Exit mobile version