<p style="text-align: justify;"><strong>Humanoid Robot:</strong> दुनिया भर में टेक्नोलॉजी के विकास के साथ रोबोटिक्स भी तेजी से आगे बढ़ रही है. अब तक इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट यानी Humanoid Robots को टेक्नोलॉजी प्रदर्शनों और प्रयोगशालाओं में देखा जाता रहा है, जहां उन्हें फैक्ट्री के काम या घर के छोटे-मोटे कामों के लिए तैयार किया जा रहा था. लेकिन अब एक नई रिपोर्ट से संकेत मिल रहे हैं कि इन रोबोटों का इस्तेमाल भविष्य में युद्ध के मैदान तक पहुंच सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक एक स्टार्टअप ने ऐसे रोबोट यूक्रेन भेजे हैं जिनका इस्तेमाल युद्ध क्षेत्र में निगरानी और जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है. अगर यह प्रयोग सफल होता है तो आने वाले समय में युद्ध लड़ने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">यूक्रेन भेजे गए दो खास रोबोट</h2>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार रोबोटिक्स कंपनी <a href=" Robotics</a> के सह-संस्थापक और पूर्व सैनिक Mike LeBlanc ने बताया कि उनकी कंपनी ने इस साल की शुरुआत में दो Phantom Mk‑I ह्यूमनॉइड रोबोट यूक्रेन भेजे थे.</p>
<p style="text-align: justify;">इन मशीनों को फरवरी में युद्ध के मोर्चे के पास भेजा गया था ताकि वे अग्रिम पंक्ति में निगरानी से जुड़े कामों में मदद कर सकें. फिलहाल यह तकनीक परीक्षण चरण में है और अलग-अलग देशों में औद्योगिक वातावरण में भी इसकी जांच की जा रही है. अगर यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है तो यह पहला मौका होगा जब किसी ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल सीधे युद्ध क्षेत्र में किया गया हो.</p>
<h2 style="text-align: justify;">सैनिकों का खतरा कम करने की कोशिश</h2>
<p style="text-align: justify;">कंपनी का मानना है कि भविष्य में ऐसे रोबोट इंसानी सैनिकों के लिए खतरे को कम कर सकते हैं. योजना यह है कि आगे आने वाले वर्जन में इन रोबोटों को ऐसे कामों के लिए तैयार किया जाए जो अभी मानव सैनिक करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार Phantom Mk-I के प्रोटोटाइप को परीक्षण के दौरान अलग-अलग तरह के हथियार पकड़ने और चलाने की क्षमता के साथ भी जांचा गया है. इसमें पिस्टल और शॉटगन जैसे हथियार शामिल बताए जाते हैं. कंपनी ने संभावित सैन्य उपयोग को समझने के लिए नकली सैन्य उपकरणों के साथ भी प्रयोग किए हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">युद्ध में रोबोटिक्स का बढ़ता इस्तेमाल</h2>
<p style="text-align: justify;">रूस और यूक्रेन के बीच जारी Russia–Ukraine War के दौरान यूक्रेन ने कई तरह के रोबोटिक सिस्टम को अपने सैन्य अभियानों में शामिल किया है. सरकारी पहल United24 से जुड़े आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में ही 7,000 से ज्यादा रोबोटिक मिशन पूरे किए गए. इनमें से कई मिशन सीधे लड़ाई के लिए नहीं बल्कि सप्लाई और लॉजिस्टिक से जुड़े कामों के लिए होते हैं जैसे सैनिकों तक गोला-बारूद, हथियार या खाने-पीने का सामान पहुंचाना.</p>
<h2 style="text-align: justify;">अभी शुरुआती चरण में है यह तकनीक</h2>
<p style="text-align: justify;">हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ह्यूमनॉइड रोबोट को सीधे युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने में अभी समय लगेगा. इसके लिए देशों को नई तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य ढांचे को विकसित करना होगा. फिर भी यह साफ है कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ भविष्य की जंगें पहले से कहीं ज्यादा तकनीकी और स्वचालित हो सकती हैं.</p>
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