Google पर सर्च करने से भी हैक हो सकता है आपका सिस्टम, ये हैं बचाव के तरीके

- Advertisement -



<p style="text-align: justify;"><strong>Malware Campaign in Google Search Result:</strong> किसी सवाल का जवाब पाने के लिए कई लोग अब भी <a title="गूगल सर्च" href=" target="_self">गूगल सर्च</a> पर भरोसा करते हैं. अब यह आदत खतरनाक हो सकती है. दरअसल, गूगल सर्च रिजल्ट में छिपे एक मालवेयर कैंपेन का पता चला है, जिसकी मदद से लोगों के डिवाइस हैक किए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, जब लोग गूगल पर Claude की मैक ऐप के बारे में सर्च करते हैं तो रिजल्ट में मलेशियस लिंक होते हैं. अगर कोई गलती से इस लिंक पर क्लिक कर देता है तो उसके डिवाइस में <a title="मालवेयर" href=" target="_self">मालवेयर</a> इंस्टॉल होने का खतरा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Claude की पॉपुलैरिटी का फायदा उठा रहे हैं स्कैमर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पिछले कुछ दिनों से एंथ्रोपिक का Claude खूब फेमस हुआ है. स्कैमर भी इसकी पॉपुलैरिटी का फायदा उठाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने सर्च रिजल्ट में घुसपैठ करनी शुरू कर दी है. जैसे ही कोई यूजर गूगल पर Claude download mac सर्च करता है तो रिजल्ट पेज पर एड पॉप-अप होती है. इसमें मालवेयर वाला लिंक दिया होता है. इस पर क्लिक करते ही यह एक वेब पेज पर रिडायरेक्ट कर देता है, जिसमें मालवेयर एंबेड होता है. एक बार यह मालवेयर इंस्टॉल हो जाए तो इसका पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता है. यह मालवेयर कंप्यूटर की मेमोरी पर रन करता है, जिससे इसे डिस्क पर ढूंढना कठिन हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे काम करते हैं मालवेयर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मालवेयर को कंप्यूटर सिस्टम को इंफेक्ट, डैमेज या उसकी एक्सेस लेने के लिए तैयार किया जाता है. ये टास्क के हिसाब से कई प्रकार के हो सकते है, लेकिन सबको मुख्य तौर पर कंप्यूटर सिस्टम की सिक्योरिटी और प्राइवेसी से छेड़छाड़ के लिए डिजाइन किया जाता है. कंप्यूटर के अलावा मोबाइल डिवाइस को भी इससे टारगेट किया जाता है. अब कई इतने मालवेयर इतने एडवांस हो गए हैं, जिनका पता लगाना मुश्किल हो गया है. यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि सारे मालवेयर हमेशा खराब कामों के लिए ही यूज नहीं किए जाते.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या हैं बचाव के तरीके?</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">इंटरनेट ब्राउज करते समय संदिग्ध लगने वाली पॉप-अप और बैनर एड पर क्लिक न करें.</li>
<li style="text-align: justify;">सुरक्षा खामियों से बचाव के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें.&nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;">हमेशा भरोसेमंद और ऑरिजनल सोर्सेस से ही ऐप्स और फाइल्स डाउनलोड करें.&nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;">ऐसे अटैक से बचने के लिए एड ब्लॉकर का यूज किया जा सकता है.&nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;">अगर आप किसी कारण एड ब्लॉकर का यूज नहीं करना चाहते तो ब्राउजर एक्सटेंशन की मदद ले सकते हैं.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="स्मार्टफोन से परेशान हो गए लोग, फिर से खरीदने लगे फीचर फोन, डिमांड बढ़ी" href=" target="_self">स्मार्टफोन से परेशान हो गए लोग, फिर से खरीदने लगे फीचर फोन, डिमांड बढ़ी</a></strong></p>

FacebookTwitterEmailLinkedInPinterestWhatsAppTumblrCopy LinkTelegramRedditMessageShare
- Advertisement -
FacebookTwitterEmailLinkedInPinterestWhatsAppTumblrCopy LinkTelegramRedditMessageShare
error: Content is protected !!
Exit mobile version