भारत में अमेरिका से ज्यादा एआई कंज्यूमर स्टार्टअप्स, भविष्य में और बढ़ेंगे मौके- आनंदन

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<p style="text-align: justify;"><strong>India at 2047 Conclave:</strong> इन दिनों हर जगह एआई की चर्चा है. सेमिनारों से लेकर सरकारों तक के स्तर पर एआई को लेकर खूब मंथन और चर्चा चल रही है. अभी एआई के मामले में पश्चिमी कंपनियां आगे हैं. OpenAI, Google, Anthropic जैसी कंपनियों के चैटबॉट्स पूरी दुनिया में पॉपुलर हो चुके हैं और ये कंपनियां अभी भी भारी निवेश कर रही हैं. इस पूरी तस्वीर में आखिर भारत कहां खड़ा है और भारत में एआई को लेकर क्या तैयारियां हो रही हैं, इस पर Peak XV Partners के फाउंडर Rajan Anandan ने ABP India at 2047 Conclave में अपने विचार रखे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>AI को लेकर किस रास्ते पर चल रहा है भारत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आनंदन ने कहा कि अगले 10 सालों में भारत एआई के मामले में काफी आगे होगा. अभी भारत एआई मॉडल्स पर अरबों के निवेश के मॉडल को कॉपी नहीं करेगा और भारत को यह रास्ता लेना भी नहीं चाहिए. एआई कंजप्शन के मामले में हम अग्रणी देशों में बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी और जेमिनी के लिए पहली या दूसरी सबसे बड़ी कंज्यूमर मार्केट भारत है. इससे भी रोचक बात यह है कि भारत में आज अमेरिका की तुलना में ज्यादा एआई कंज्यूमर स्टार्टअप्स हैं. इसका मतलब है कि भारत में कंज्यूमर इनोवेशन इकोसिस्टम बहुत वाइब्रेंट है. दुनिया की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली एआई एजुकेशन कंपनी भी भारत में है. एआई ऐप्लिकेशन लेवल के मामले पर भारतीय कंपनियां बहुत बड़ा बिजनेस बनाने वाली हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वॉइस एआई के मामले में भारतीय कंपनियां होंगी आगे- आनंदन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आनंदन ने कहा कि वॉइस एआई के मामले में भारतीय कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. अभी भले ही इलेवनलैब्स पहले स्थान पर है, लेकिन अगले दो सालों में टॉप-5 में शामिल सभी कंपनियां भारतीय होंगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन कंपनियों का कॉस्ट स्ट्रक्चर विदेशी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ता है. एआई मॉडल के मामले में आनंदन ने कहा कि भारत को गूगल की तरह 3 ट्रिलियन पैरामीटर वाले मॉडल की जरूरत नहीं है. भारत को ऐसे मॉडल पर फोकस करना चाहिए, जो कम कीमत पर यहां के लोगों की बेसिक जरूरतें पूरा कर पाएं. भारत सरकार ने 12 फाउंडेशन मॉडल कंपनियों को फंड किया है और भारत को अपने एआई मॉडल बनाने होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एआई से नौकरियों पर पड़ेगा असर- आनंदन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आनंदन ने कहा कि एआई के कारण हर देश में नौकरियों पर असर पड़ेगा. एआई के कारण औद्योगिक क्रांति से भी बड़ा असर होगा. आज जो नौकरियां हैं वो अगले कुछ सालों में खत्म हो सकती हैं, लेकिन नई नौकरियां भी पैदा होंगी. इसके लिए लोगों को नई स्किल्स सीखनी होंगी. आनंदन ने यह भी उम्मीद जताई कि एआई के कारण बीमारियों के इलाज ढूंढे जा सकेंगे और लोग 150 साल तक जी सकेंगे.&nbsp;</p>
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