<p style="text-align: justify;"><strong>Google Chrome:</strong> भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने Google Chrome इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है. एजेंसी के अनुसार, Chrome ब्राउजर में कई ऐसे सुरक्षा दोष पाए गए हैं जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स के सिस्टम को निशाना बना सकते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">CERT-In ने जारी की सुरक्षा चेतावनी</h2>
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<p dir="ltr" lang="en">A sudden and unexplained loss of mobile network service isn’t always a technical issue. In some cases, it can be an early warning sign of a SIM swap attack, where fraudsters transfer your number to a SIM card they control.<a href=" <a href=" <a href=" <a href="
— Ministry of Electronics & IT (@GoI_MeitY) <a href=" 8, 2026</a></blockquote>
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<p style="text-align: justify;">सरकार समर्थित साइबर सुरक्षा संस्था Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने अपनी ताजा एडवाइजरी में बताया है कि Google Chrome के कुछ पुराने वर्जन सुरक्षा जोखिमों से प्रभावित हैं. यह खतरा Windows, macOS और Linux प्लेटफॉर्म पर चल रहे Chrome ब्राउजर से जुड़ा हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;">एजेंसी ने कहा है कि जिन यूजर्स के सिस्टम में <a href=" का पुराना वर्जन इंस्टॉल है उन्हें जल्द से जल्द अपडेट करना चाहिए.</p>
<h2 style="text-align: justify;">क्या है खतरा?</h2>
<p style="text-align: justify;">CERT-In के अनुसार, इन कमियों का फायदा उठाकर कोई भी हमलावर दूर बैठकर सिस्टम पर दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकता है. इसके अलावा संवेदनशील जानकारी चोरी करना, सिस्टम को क्रैश करना या ब्राउजर की सेफ्टी लेयर्स को बायपास करना भी संभव हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सुरक्षा दोष हैकर्स को यूजर के डिवाइस पर अनधिकृत गतिविधियां करने का मौका दे सकते हैं जिससे व्यक्तिगत और संगठनात्मक डेटा दोनों खतरे में पड़ सकते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">Chrome में कहां मिलीं खामियां?</h2>
<p style="text-align: justify;">जांच में पता चला है कि Chrome के कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स में तकनीकी कमजोरियां मौजूद हैं. इनमें GPU, V8 इंजन, Blink, WebGL, WebRTC, PDF Viewer, Media, Network, Extensions और अन्य ब्राउजर सब-सिस्टम शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इन कमजोरियों में मेमोरी मैनेजमेंट से जुड़ी समस्याएं, बफर ओवरफ्लो, टाइप कन्फ्यूजन, इंटीजर ओवरफ्लो और अनइनिशियलाइज्ड मेमोरी जैसी खामियां शामिल हैं. ऐसे दोष साइबर अपराधियों को सिस्टम की सुरक्षा को प्रभावित करने का अवसर दे सकते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कैसे हो सकता है हमला?</h2>
<p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी यूजर को नुकसान पहुंचाने के लिए हैकर एक विशेष रूप से तैयार किए गए वेबपेज या लिंक का इस्तेमाल कर सकता है. यदि यूजर उस लिंक को खोल देता है तो हमलावर इन कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है. सरल शब्दों में कहें तो केवल किसी संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर क्लिक करना भी जोखिम पैदा कर सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">किन यूजर्स पर है असर?</h2>
<p style="text-align: justify;">यह चेतावनी सभी डेस्कटॉप Chrome यूजर्स के लिए जारी की गई है. चाहे आप व्यक्तिगत उपयोगकर्ता हों या किसी कंपनी/संस्था में काम करते हों यदि आपके कंप्यूटर में Chrome का पुराना वर्जन चल रहा है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">Chrome को तुरंत कैसे अपडेट करें?</h2>
<p style="text-align: justify;">अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Chrome को तुरंत नए वर्जन में अपडेट करें.</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>अपडेट करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें.</li>
<li>Google Chrome खोलें.</li>
<li>ऊपर दाईं ओर मौजूद तीन डॉट (⋮) मेन्यू पर क्लिक करें.</li>
<li>Help ऑप्शन चुनें.</li>
<li>About Google Chrome पर क्लिक करें.</li>
<li>Chrome अपने आप नए अपडेट की जांच करेगा और उसे इंस्टॉल कर देगा.</li>
<li>अपडेट पूरा होने के बाद ब्राउजर को रीस्टार्ट करें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href=" Airplane Mode सच में रोक देता है Smartphone Radiation? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे</a></strong></p>
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