<p style="text-align: justify;"><strong>SMS Fraud in India:</strong> भारत में SMS के जरिए होने वाले फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. पिछले एक साल में इन मामलों में 146 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. BioCatch की रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिक सुरक्षित माने जाने वाले iOS पर फ्रॉड के मामले 86 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि एंड्रॉयड पर यह बढ़ोतरी 35 प्रतिशत की रही है. अगर साइबर फ्रॉड में होने वाले नुकसान की बात करें तो 2025 में भारत में 22,496 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज की गई हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को साइबर फ्रॉड में कितना बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>SMS फ्रॉड क्यों बढ़ रहे हैं? </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बायोकैच के डायरेक्टर ऑफ ग्लोबल फ्रॉड इंटेलीजेंस टॉम पीकॉक ने कहा कि SMS फ्रॉड इसलिए ज्यादा प्रभावी है क्योंकि वो भरोसेमंद कम्युनिकेशन चैनल का फायदा उठाते हैं. SMS में आए फ्रॉड वाले मैसेज असली लगते हैं और यूजर बिना ज्यादा सोचे-समझे इन पर भरोसा कर लेता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि UPI इकोसिस्टम पर भी स्कैमर्स की नजर टिकी हुई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कम समय में ज्यादा बड़ा फ्रॉड कर रहे हैं साइबर क्रिमिनल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रॉडस्टर अब कम समय में बड़ा नुकसान कर रहे हैं. मोबाइल फ्रॉड सेशन का औसतन समय 32 प्रतिशत कम हो गया है, लेकिन इस दौरान ट्रांसफर होने वाले पैसों की रकम में 1.7 गुना का उछाल आया है. इसका मतलब यह है कि फ्रॉडस्टर अब बहुत तेजी से लोगों के अकाउंट से अपने अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं. पीकॉक ने बताया कि थोड़ी देर की कॉल में ज्यादा पैसों का फ्रॉड करना दिखाता है कि फ्रॉड करने वाले अब ज्यादा एफिशिएंट और स्कैम रिफाइन हो रहे हैं. क्रिमिलन अब सोशल इंजीनियरिंग और ऑटोमैटेड टेक्नीक का यूज कर वॉर्निंग नजर आने से पहले ही पैसे को ठिकाने लगा दे रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लोगों को 22,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">साइबर फ्रॉड के मामलों में लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. जैसा हमने आपको ऊपर बताया कि 2025 में 22,496 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें दर्ज हुई थीं, जबकि 9,000 करोड़ रुपये की ट्रांसफर को डिक्लाइन कर दिया गया था. जांचकर्ताओं ने पिछले एक साल में अलग-अलग 700 बैंकों की 700 ब्रांच में 8.5 लाख से अधिक ऐसे अकाउंट की पहचान की है, जिनमें फ्रॉड के पैसे को ठिकाने लगाया जा रहा था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या सरकार कभी भी कर सकती है इंटरनेट शटडाउन? जानिए क्या कहते हैं नियम-कानून" href=" target="_self">क्या सरकार कभी भी कर सकती है इंटरनेट शटडाउन? जानिए क्या कहते हैं नियम-कानून</a></strong></p>
एक SMS और अकाउंट खाली, भारत में 146 प्रतिशत बढ़े स्कैम, 22,000 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी
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