चौंकाने वाला खुलासा! सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा के लिए बने आधे से ज्यादा सेफ्टी फीचर्स नहीं कर रहे काम

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<p style="text-align: justify;"><strong>Social Media Safety Features:</strong> आज के आधुनिक समय में <a href=" मीडिया</a> लोगों के जीवन का हिस्ता बनता जा रहा है. बच्चों से लेकर बड़ों तक, आज ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं. लेकिन कुछ समय पहले ही बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई देशों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स पर सख्त एक्शन लिया था. इसमें प्लेटफॉर्म को निर्देश दिए गए थे कि वो बच्चों की सुरक्षा के लिए नए फीचर्स को ऐड करें.</p>
<p style="text-align: justify;">लेकिन अब एक रिपोर्ट में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है जिसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए मौजूद आधे से ज्यादा फीचर्स काम ही नहीं कर रहे हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कैसे हुआ टेस्ट</h2>
<p style="text-align: justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस टेस्ट को तीन स्टेजों में किया गया है. इसमें रिसर्च टीम ने अलग-अलग उम्र के बच्चों और बड़ें के डमी अकाउंट्स बनाए और उसके बाद तीन तरह की स्थितियों में इसे टेस्ट किया गया. पहले ये चेक किया गया है कि बच्चा नॉर्मली कैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है. इसके बाद दूसरे स्टेज में ये चेक किया गया है कि कैसे बच्चे सेफ्टी फीचर्स को आसानी से दरकिनार कर सकते हैं. वहीं, तीसरी स्टेज में ये चेक किया गया है कि कैसे कोई बड़ा व्यक्ति युवाओं के अकाउंट्स तक आसानी से पहुंच सकता है. अब ऐसे में अगर कोई भी सेफ्टी फीचर प्लेटफॉर्म पर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था तो उसे फेल माना गया है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">इन संस्थानों ने की जांच</h2>
<p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये स्टडी New York University और Northeastern University के शोधकर्ताओं ने की है. इसे Heat Initiative और Cybersafety Research Center ने प्रकाशित किया है. जानकारी के अनुसार, रिसर्च के दौरान चार बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुल 86 चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स की जांच की गई.</p>
<p style="text-align: justify;">रिसर्चर्स का कहना है कि जिन सेफ्टी फीचर्स का प्रमोशन बच्चों को गलत कंटेंट से दूर रखने या अजनबियों के संपर्क से बचाने के लिए किया जाता है उनमें से कम से कम 50 प्रतिशत सही रिजल्ट देने में असफल रहे हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कंपनियों ने जताई आपत्ति</h2>
<p style="text-align: justify;">अब इस रिपोर्ट के आने के बाद कंपनियों में तहलका मच गया है. Snap, Meta और YouTube ने इस स्टडी के रिजल्ट्स को सही नहीं माना है और अपनी असहमति जताई है. Meta का कहना है कि Instagram के Teen Accounts फीचर की वजह से युवाओं को पहले के मुकाबले कम गलत कंटेंट दिखाए जा रहे हैं. इसके अलावा कंपनी ने ये भी दावा किया है कि रिपोर्ट में फीचर्स को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है और इसके कोई ज्यादा सबूत भी नहीं दिए गए हैं.</p>
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