Smartphone की तरह TV में क्यों नहीं इस्तेमाल होती है AMOLED स्क्रीन? सामने आ गई वजह

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<p style="text-align: justify;"><strong>AMOLED Screen in TV:</strong> आज के एडवांस स्मार्टफोन में एमोलेड डिस्प्ले स्क्रीन देखने को मिलती है जो काफी प्रीमियम होती है. एमोलेड डिस्प्ले खासतौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन में देखने को मिल जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्मार्ट टीवी में इस डिस्प्ले का इस्तेमाल क्यों नहीं होता है. बता दें कि इसका जवाब टेक्नोलॉजी और लागत दोनों से जुड़ा हुआ है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इसके पीछे का कारण.</p>
<h2 style="text-align: justify;">बड़ा एमोलेड डिस्प्ले बनाना है महंगा</h2>
<p style="text-align: justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AMOLED पैनल जितना बड़ा होगा, उसकी मैन्युफैक्चरिंग उतनी ही मुश्किल और महंगी हो जाती है. बता दें कि बड़े पैनल को तैयार करते समय काफी सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि एक छोटी सी गलती पूरे डिस्प्ले को खराब कर सकती है और डिस्प्ले को फिर से तैयार करना पड़ सकता है जो काफी महंगा होता है. इसी वजह से स्मार्ट टीवी में कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले का इस्तेमाल नहीं करते हैं क्योंकि इससे टीवी की कीमत ज्यादा हो जाएगी और लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.</p>
<h2 style="text-align: justify;">क्या होता है AMOLED और OLED डिस्प्ले में फर्क</h2>
<p style="text-align: justify;">जानकारी के अनुसार, AMOLED और OLED दोनों ही अलग डिस्प्ले हैं और दोनों ही एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं. AMOLED (Active Matrix Organic Light Emitting Diode) डिस्प्ले में हर पिक्सेल को अलग-अलग कंट्रोल किया जाता है जिससे स्क्रीन पर बेहतर कलर क्वालिटी, बेहतर ब्राइटनेस और तेज रिस्पॉन्स मिलता है. यही वजह है कि ये स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे छोटे डिस्प्ले के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन माने जाते हैं. वहीं, दूसरी ओर, बड़े आकार के टीवी में आमतौर पर OLED पैनल का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इन्हें बड़े स्क्रीन साइज में बनाना ज्यादातर आसान होता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">ये खतरा भी बनता है बड़ी चुनौती</h2>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि <a href=" डिस्प्ले में लंबे समय तक एक जैसी तस्वीर या लोगो दिखाई देने पर Burn-in की समस्या हो सकती है. स्मार्टफोन में ये खतरा कम होता है क्योंकि डिवाइस में कंटेंट हमेशा बदलता रहता है. लेकिन टीवी पर न्यूज चैनल के लोगो, गेमिंग इंटरफेस या स्ट्रीमिंग ऐप्स के स्थिर आइकन घंटों तक दिखाई दे सकते हैं. ऐसे में Burn-in का खतरा भी बढ़ जाता है जो बड़े और महंगे टीवी के लिए बड़ी समस्या बन सकता है. इसी वजह से स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले का इस्तेमाल नहीं करती हैं. साथ ही मार्केट में आज लोग सस्ते स्मार्ट टीवी खोजते हैं और एमोलेड डिस्प्ले लगाने के बाद टीवी की कीमत काफी बढ़ सकती है.</p>
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