<p style="text-align: justify;"><strong>How UPI Works:</strong> जेब से फोन निकाला, QR कोड को स्कैन किया, पेमेंट डाली और डन. 10 सेकंड से भी कम टाइम में आपके अकाउंट से सामने वाले के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो जाता है. न अकाउंट नंबर की जरूरत, न बैंक का नाम पूछने का झंझट. सब कुछ एकदम आसान और पलक झपकते ही <a title="UPI पेमेंट" href=" target="_self">UPI पेमेंट</a> कंप्लीट. UPI की इस सहूलियत ने इसे पॉपुलर बना दिया है. अब हर स्टॉल, दुकान और बड़े से बड़े शोरूम में पेमेंट के लिए UPI यूज होने लगा है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि UPI काम कैसा करता है. आज हम आपको इसके पीछे की टेक्नोलॉजी बताने जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है UPI?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">UPI का पूरा नाम यूनिफाईड पेमेंट इंटरफेस है. यह एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डेवलप किया है. यह लोगों को मोबाइल के जरिए अपने बैंक अकाउंट से फंड ट्रांसफर करने की सहूलियत देता है. यह ऑनलाइन पेमेंट का एक सुरक्षित और आसान तरीका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>UPI के पीछे यह टेक्नोलॉजी </strong></p>
<p style="text-align: justify;">UPI में स्पीड और भरोसे के लिए एक तगड़ी टेक्नोलॉजी काम करती है, जिसे हाई परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी कोर टेक्नोलॉजी नीचे दी गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रियल टाइम पेमेंट सिस्टम-</strong> UPI असल में एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है. यानी आपके ट्रांसफर करते ही पैसा सामने वाले के अकाउंट में पहुंच जाएगा. इसके लिए प्रोसेसिंग या किसी बिजनेस आवर की जरूरत नहीं होती. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बैंकों के बीच इंटरोपेरेबिलिटी-</strong> UPI का एक और सबसे दमदार फचर इंटरोपेरेबिलिटी है. यानी आप किसी भी बैंक और किसी भी पेमेंट ऐप से किसी भी बैंक और पेमेंट ऐप पर पैसा भेज सकते हैं. इस यूनिवर्सल कंपेटिबिलिटी को NPCI ने डिजाइन किया गया है. इसके लिए एक यूनिफाईड नेटवर्क बनाया गया है, जहां सभी बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कम्युनिकेट कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूनिक पेमेंट एड्रेस-</strong> हर UPI यूजर के पास एक यूनिक पेमेंट एड्रेस है, जिसे आमतौर पर वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) कहा जाता है. एक यह ईमेल एड्रेस की तरह होता है. इसका फायदा यह है कि यूजर को अपना अकाउंट नंबर, IFSC कोड और नाम आदि नहीं भेजना पड़ता. केवल VPA से ही पेमेंट रिसीव की जा सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिक्योर API इंटीग्रेशन-</strong> पेमेंट ऐप्स सिक्योर API (ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs) के जरिए UPI सिस्टम से कनेक्ट होती हैं. ये APIs एक तरह से डिजिटल डोरवे होती है, जो अलग-अलग सॉफ्टवेयर सिस्टम को एक-दूसरे से इंटरैक्ट करने देती हैं. पूरे पेमेंट नेटवर्क की इंटेग्रिटी और सिक्योरिटी के लिए यह इंटीग्रेशन बहुत जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- </strong><strong><a title="Apple@50: पांच दशकों में क्या रहीं ऐप्पल की 5 सबसे बड़ी अचीवमेंट, ऐसा क्या किया, जो कोई नहीं कर पाया कॉपी?" href=" target="_self">Apple@50: पांच दशकों में क्या रहीं ऐप्पल की 5 सबसे बड़ी अचीवमेंट, ऐसा क्या किया, जो कोई नहीं कर पाया कॉपी?</a></strong></p>
UPI में ऐसा क्या, जिससे एक सेकेंड में ट्रांसफर हो जाता है पैसा? जान लें पूरी टेक्नोलॉजी
Related articles
