AI यूज करने से बढ़ सकता है आपके घर का बिजली बिल, एक्सपर्ट ने दी वॉर्निंग

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<p style="text-align: justify;"><strong>AI Cost:</strong> <a title="एआई टूल्स" href=" target="_self">एआई टूल्स</a> हमारे जीवन का हिस्सा बन गए हैं. नाश्ते की रेसिपी से लेकर ऑफिस की प्रेजेंटेशन तक हर काम में इन टूल्स की मदद ली जा रही है. कई लोग इन टूल्स पर इतने निर्भर हो गए हैं कि इनके बिना उन्हें हर चीज मुश्किल लगती है. भले ही एआई टूल्स ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है, लेकिन इसकी भी अपनी लागत है. एआई रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने के लिए डेटा सेंटर की जरूरत पड़ती है और डेटा सेंटर को भारी मात्रा में बिजली चाहिए. अब एक एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि एआई टूल्स का बढ़ता यूज आपके बिजली बिल को भी बढ़ा सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एआई से कैसे बढ़ सकता है आपकी जेब पर बोझ?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">टाइम्सनाऊ के मुताबिक, Penn State’s Institute of Energy and Environment में प्रोफेसर Hannah Wiseman का कहना है कि एआई के कारण पावर ग्रिड को बढ़ाने डिमांड भी बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर वीडियो गेमिंग और एआई के यूज तक हर ऑनलाइन एक्टिविटी के लिए डेटा सेंटर की जरूरत पड़ती है. अब ऐसे डेटा सेंटर बन गए हैं, जो एक मीडियम साइज के शहर के बराबर बिजली की खपत कर रहे हैं. इसलिए जब किसी इलाके में डेटा सेंटर लगता है तो कंपनियों को डिमांड पूरी करने के लिए एक्स्ट्रा ग्रिड का इंतजाम करना पड़ता है. इसकी लागत को पूरा करने के लिए बिजली कंपनियां बाकी यूजर्स के लिए भी बिजली के दाम बढ़ा सकती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डेटा सेंटर के लिए कितनी बिजली की जरूरत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एआई बूम के बाद डेटा सेंटर की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इन्हें ऑपरेट करने के लिए बिजली की जरूरत होती है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) का अनुमान है कि 2030 तक दुनियाभर के डेटा सेंटर को हर साल लगभग 945 terawatt-hours (TWh) बिजली की जरूरत होगी. यह जापान की कुल बिजली की खपत से ज्यादा है. यानी 4 साल बाद डेटा सेंटर को एक देश से ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गाय के गोबर का लिया जा सकता है सहारा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डेटा सेंटर की बढ़ी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए <a title="गाय के गोबर का सहारा" href=" target="_self">गाय के गोबर का सहारा</a> लिया जा सकता है. अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी के मुताबिक, गाय के गोबर से निकलने वाली मीथेन को कैप्चर कर इससे फ्यूल बनाया जा सकता है. इस गैस को पर्यावरण में मिलने देने की बजाय बिजली बनाने में यूज किया जा सकता है जो घरों, फैक्ट्रियों और डेटा सेंटर तक को पावर दे सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-&nbsp;</strong><strong><a title="Android Watches के ये फायदे जान लिए तो Apple Watch को भूल जाएंगे, पैसे कम, लेकिन फीचर्स भरपूर" href=" target="_self">Android Watches के ये फायदे जान लिए तो Apple Watch को भूल जाएंगे, पैसे कम, लेकिन फीचर्स भरपूर</a></strong></p>

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