<p style="text-align: justify;"><strong>Google QR Code:</strong> देश में जीमेल का इस्तेमाल ज्यादातर ऑफिस या कॉर्पोरेट दुनिया में किया जाता है. कई बार देखा गया है कि जीमेल पासवर्ड भूल जाने पर ओटीपी के जरिए लोग अपना पासवर्ड रिसेट कर लेते हैं. लेकिन गूगल अब इस ओटीपी सिस्टम को खत्म करने जा रहा है. दरअसल, अब गूगल QR कोड बेस्ड वेरिफाई सिस्टम को लेकर आ रहा है. यह बदलाव सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है क्योंकि SMS द्वारा भेजे जाने वाले छह अंकों के कोड फिशिंग हमलों और सिम-स्वैपिंग जैसी धोखाधड़ी तकनीकों से प्रभावित हो सकते हैं. फ़ोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह नया सिस्टम आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>Gmail ने की पुष्टि</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Gmail के प्रवक्ता रॉस रिचेन्डरफर ने इस नए सिस्टम की पुष्टि की है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब यूजर्स को अपने फ़ोन नंबर पर कोड प्राप्त करने के बजाय स्क्रीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, जिसे उन्हें अपने फोन के कैमरा ऐप से स्कैन करना होगा. यह प्रोसेस न केवल आसान होगी बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी ज्यादा प्रभावी होगी.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>SMS बेस्ड वेरिफिकेशन क्यों नहीं है सेफ?</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">अब तक Google SMS के जरिए कोड भेजकर यूजर्स के खातों को वेरिफाई करता था. हालांकि, इस पूरे प्रोसेस में कई खामियां पाई गईं थी. साइबर अपराधी फिशिंग तकनीकों से यूजर्स को धोखा देकर उनके कोड हासिल कर सकते हैं. सिम-स्वैपिंग हमलों के जरिए वे किसी का मोबाइल नंबर अपने कंट्रोल में लेकर उसके Gmail अकाउंट तक पहुंच सकते हैं. Google ने पाया कि SMS बेस्ड वेरिफिकेशन को हैकर्स स्कैम के लिए भी इस्तेमाल कर रहे थे. इसे ट्रैफिक पंपिंग या टोल फ्रॉड कहा जाता है जिसमें साइबर अपराधी फर्जी नंबरों पर वेरिफिकेशन कोड भेजवाकर पैसे कमाते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अब Google ने इस नए सिस्टम को लागू करने का फैसला किया है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>QR कोड होगा ज्यादा सुरक्षित</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">QR कोड तकनीक अपनाने से सुरक्षा में काफी सुधार होगा. यह सिस्टम सीधे यूजर्स और Google के बीच कनेक्शन करता है जिससे बीच में होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा. इसका मतलब है कि फिशिंग हमले और सिम-स्वैपिंग जैसे जोखिम लगभग खत्म हो जाएंगे क्योंकि इसमें कोई कोड साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी जिसे चोरी किया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;">Google ने इस बदलाव के पीछे की मंशा साफ़ करते हुए कहा है कि SMS कोड यूजर्स के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं और कंपनी यूजर्स को साइबर खतरों से बचाने के लिए लगातार अपने सुरक्षा उपायों में सुधार कर रही है. हालांकि, अभी तक सटीक लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं की गई है लेकिन Google ने संकेत दिया है कि जल्द ही इस पर और अपडेट दिए जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href=" फरवरी से शुरू होगी iPhone 16e की बिक्री! जानें कैसे मिलेगा 10 हजार का डिस्काउंट</a></strong></p>
अब Gmail के लिए नहीं मिलेगा SMS कोड! Google अपनाएगा नया QR कोड सिस्टम
Related articles
