<p style="text-align: justify;"><strong>Laser Amplifier:</strong> वैज्ञानिकों ने एक ऐसा गजब का लेज़र एम्प्लिफ़ायर तैयार किया है जो मौजूदा तकनीक से 10 गुना तेज़ी से डेटा ट्रांसमिट कर सकता है. यह खोज भविष्य में न सिर्फ़ इंटरनेट की रफ़्तार को आसमान पर ले जाएगी बल्कि चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>लेज़र एम्प्लिफ़ायर क्या करते हैं?</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">लेज़र एम्प्लिफ़ायर प्रकाश किरणों की तीव्रता बढ़ाते हैं. मौजूदा टेलीकॉम सिस्टम्स में इन्हीं की मदद से इंटरनेट सिग्नल्स को ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए भेजा जाता है. डेटा ट्रांसमिशन की क्षमता मुख्य रूप से एम्प्लिफ़ायर की बैंडविड्थ पर निर्भर करती है यानी कितनी अलग-अलग तरंगदैर्घ्य (wavelengths) पर जानकारी भेजी जा सकती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>डेटा ट्रैफ़िक की बढ़ती चुनौती</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट डिवाइसेज़ और जेनरेटिव AI के बढ़ते उपयोग से रोज़ाना डेटा का बोझ बढ़ रहा है. Nokia Bell Labs की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया का डेटा ट्रैफ़िक दोगुना हो जाएगा. ऐसे में बैंडविड्थ को बढ़ाना बेहद ज़रूरी है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>नई तकनीक- हाई-इफ़िशिएंसी ऑप्टिकल एम्प्लिफ़िकेशन</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं ने अब एक नया हाई-इफ़िशिएंसी ऑप्टिकल एम्प्लिफ़ायर डिज़ाइन किया है जिसकी बैंडविड्थ 300 नैनोमीटर है. तुलना करें तो मौजूदा सिस्टम्स में यह सिर्फ़ 30 नैनोमीटर तक सीमित है. इस कारण यह नया एम्प्लिफ़ायर 10 गुना अधिक डेटा प्रति सेकंड ट्रांसमिट कर सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>कैसे काम करता है यह एम्प्लिफ़ायर?</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">यह सिलिकॉन नाइट्राइड से बना है जो हाई टेंपरेचर झेल सकता है. इसमें स्पाइरल-शेप्ड वेवगाइड्स का उपयोग किया गया है जो लेज़र पल्स को ज़्यादा कुशलता से दिशा देते हैं और सिग्नल में गड़बड़ी कम करते हैं. इसकी मिनीaturization (सूक्ष्मीकरण) हो चुकी है यानी कई एम्प्लिफ़ायर एक छोटे चिप पर लगाए जा सकते हैं. इस डिज़ाइन में इस्तेमाल हुई फोर-वेव मिक्सिंग तकनीक अलग-अलग ऑप्टिकल फ़्रीक्वेंसी को जोड़कर आउटपुट को मज़बूत करती है और शोर (noise) को कम करती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>सिर्फ़ इंटरनेट नहीं, इन क्षेत्रों में भी उपयोग</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">हालांकि इंटरनेट की गति बढ़ाना इसका सबसे बड़ा लाभ है लेकिन इसके और भी उपयोग हैं:</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोसिस</li>
<li>होलोग्राफ़ी और माइक्रोस्कोपी</li>
<li>स्पेक्ट्रोस्कोपी और वैज्ञानिक विश्लेषण</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं का कहना है कि डिज़ाइन में थोड़े बदलाव कर इसे दृश्य प्रकाश (400–700 nm) और विस्तृत इन्फ्रारेड (2000–4000 nm) रेंज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे यह तकनीक बीमारियों का जल्दी और सटीक पता लगाने में मदद कर सकती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>भविष्य का इंटरनेट और विज्ञान</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">यह तकनीक इंटरनेट को आज से 10 गुना तेज़ बनाने की क्षमता रखती है. साथ ही, स्वास्थ्य, रिसर्च और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल क्रांतिकारी साबित हो सकता है. छोटे आकार और सस्ते दामों में उपलब्ध होने की संभावना इसे आम लोगों की पहुंच तक भी ला सकती है.</p>
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