<p style="text-align: justify;"><strong>Cyber Fraud:</strong> भारत में एक नया साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है जिसमें बाइक और कार चलाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बार ठग खुद को सरकारी ‘Parivahan’ पोर्टल बताकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. यूजर्स को SMS के जरिए ट्रैफिक चालान का डर दिखाया जाता है और एक फर्जी लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही भारी नुकसान हो सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">फर्जी Parivahan चालान कैसे करता है काम</h2>
<p style="text-align: justify;">इस स्कैम में लोगों को किसी अनजान मोबाइल नंबर से SMS आता है जो अक्सर +91 से शुरू होता है. मैसेज में लिखा होता है कि आपने ट्रैफिक नियम तोड़ा है और तुरंत जुर्माना भरना होगा नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. SMS के साथ जो लिंक भेजा जाता है वह दिखने में सरकारी वेबसाइट जैसा लगता है लेकिन असल में वह पूरी तरह नकली होता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">Parivahan जैसा दिखने वाला फर्जी लिंक बना रहा है शिकार</h2>
<p style="text-align: justify;">ठग असली नाम से मिलते-जुलते शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जैसे Prairvahsan या इसी तरह की स्पेलिंग, ताकि लोग जल्दी में फर्क न समझ पाएं. लिंक का डिजाइन भी सरकारी पोर्टल जैसा होता है जिससे पहली नजर में शक नहीं होता. साइबर अपराधी इसी जल्दबाजी और डर का फायदा उठाते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">लिंक पर क्लिक करते ही हो सकता है बड़ा नुकसान</h2>
<p style="text-align: justify;">अगर कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक कर देता है, तो उससे लॉगिन डिटेल्स, बैंक जानकारी या सेव किए गए कार्ड डेटा मांगे जा सकते हैं. कई मामलों में फोन में मालवेयर भी घुस सकता है जिससे बिना इजाजत बैंक ट्रांजैक्शन तक हो जाते हैं. एक छोटी सी गलती आपकी पूरी कमाई पर भारी पड़ सकती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">ऐसा SMS मिले तो तुरंत क्या करें</h2>
<p style="text-align: justify;">अगर आपके फोन पर ऐसा कोई ट्रैफिक चालान वाला SMS आए, तो सबसे पहले उस लिंक पर क्लिक न करें, चाहे मैसेज कितना भी जरूरी क्यों न लगे. उस नंबर को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें और मैसेज डिलीट कर दें. न तो जवाब दें और न ही कॉल बैक करें.</p>
<h2 style="text-align: justify;">असली चालान की जानकारी कैसे जांचें</h2>
<p style="text-align: justify;">अगर आपको सच में लगता है कि आपका कोई ट्रैफिक चालान कटा हो सकता है, तो खुद आधिकारिक Parivahan वेबसाइट पर जाकर जानकारी चेक करें या सीधे अपने नजदीकी RTO से संपर्क करें. किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा करने की बजाय खुद मैन्युअली सरकारी पोर्टल पर जाकर विवरण जांचना ही सबसे सुरक्षित तरीका है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">ऐसे ट्रैफिक फ्रॉड से कैसे रहें सुरक्षित</h2>
<p style="text-align: justify;">ट्रैफिक जुर्माने से जुड़े मैसेज अगर SMS, WhatsApp या सोशल मीडिया पर आएं, तो उन पर आंख बंद करके भरोसा न करें. हमेशा सरकारी वेबसाइट पर जाकर चालान नंबर और वाहन की जानकारी से वेरिफिकेशन करें. याद रखें, थोड़ी सी लापरवाही आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.</p>
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