<p style="text-align: justify;"><strong>Artificial Intelligence:</strong> आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है. स्मार्टफोन से लेकर सोशल मीडिया, सर्च इंजन और ऑनलाइन शॉपिंग तक, हर जगह AI मौजूद है. लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है AI को हमारे डेटा की जरूरत क्यों पड़ती है? क्या यह सिर्फ सुविधा के लिए है या इसके पीछे कुछ और भी कारण हैं?</p>
<h2 style="text-align: justify;">AI को डेटा क्यों चाहिए?</h2>
<p style="text-align: justify;">AI इंसानों की तरह खुद से सोचने या समझने की क्षमता नहीं रखता. वह जो कुछ भी सीखता है, वह डेटा के ज़रिए ही सीखता है. आपकी सर्च हिस्ट्री, पसंद-नापसंद, लोकेशन और ऑनलाइन व्यवहार AI के लिए एक तरह का प्रशिक्षण होता है. इसी जानकारी के आधार पर AI यह समझ पाता है कि आपको क्या दिखाना है और कैसे मदद करनी है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">पर्सनल एक्सपीरियंस बनाने का तरीका</h2>
<p style="text-align: justify;">जब आप किसी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, तो AI आपके व्यवहार को नोट करता है. इसी डेटा की मदद से आपको वही कंटेंट, वीडियो या प्रोडक्ट दिखाए जाते हैं जिनमें आपकी रुचि हो सकती है. यही वजह है कि हर यूजर को एक जैसा अनुभव नहीं मिलता. AI का मकसद आपके लिए चीज़ों को आसान और ज्यादा प्रासंगिक बनाना होता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">AI कैसे बनता है ज्यादा स्मार्ट?</h2>
<p style="text-align: justify;">जितना ज्यादा डेटा, उतना बेहतर AI. लगातार मिल रही जानकारी से AI अपनी गलतियों से सीखता है और भविष्य में ज्यादा सटीक जवाब देने लगता है. वॉइस असिस्टेंट का आपकी आवाज़ पहचानना या चैटबॉट का सही जवाब देना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. बिना डेटा के AI सिर्फ एक खाली सिस्टम बनकर रह जाएगा.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कंपनियों को क्या फायदा होता है?</h2>
<p style="text-align: justify;">डेटा सिर्फ AI को ही नहीं, बल्कि कंपनियों को भी फायदा पहुंचाता है. यूज़र डेटा के आधार पर कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ को बेहतर बनाती हैं. इसके अलावा, टारगेटेड विज्ञापन भी इसी जानकारी पर निर्भर करते हैं, जिससे बिज़नेस को सीधा लाभ होता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है?</h2>
<p style="text-align: justify;">यहीं से चिंता शुरू होती है. अगर डेटा का सही इस्तेमाल न हो या सुरक्षा में कमी रह जाए तो प्राइवेसी पर असर पड़ सकता है. हालांकि, ज्यादातर प्लेटफॉर्म डेटा प्रोटेक्शन के दावे करते हैं, लेकिन यूज़र को भी सतर्क रहने की जरूरत है. ऐप परमिशन, प्राइवेसी सेटिंग्स और डेटा शेयरिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.</p>
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