जनवरी 2026 में बड़ा एक्शन! WhatsApp ने भारत में 81 लाख से ज्यादा अकाउंट किए बैन, जानिए क्या है वजह

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<p style="text-align: justify;"><strong>Whatsapp Accounts Ban:</strong> भारत के डिजिटल परिदृश्य में जनवरी 2026 एक अहम महीना साबित हुआ. WhatsApp ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत अपनी मासिक रिपोर्ट जारी की जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. सिर्फ एक महीने में 81,79,740 भारतीय अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया. यह रिपोर्ट 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच की अवधि को कवर करती है. इसमें यूजर शिकायतों, सरकारी निर्देशों और कंपनी द्वारा की गई स्वतः कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक महीने में 81 लाख से अधिक अकाउंट बैन</strong><br />जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 81,79,740 अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाया गया. इनमें से 19,83,760 अकाउंट ऐसे थे जिन्हें किसी यूजर शिकायत से पहले ही सिस्टम ने पहचानकर बंद कर दिया. यानी करीब 20 लाख अकाउंट्स पर कंपनी ने खुद ही कार्रवाई की. भारतीय अकाउंट की पहचान +91 मोबाइल नंबर से की जाती है इसलिए ये सभी प्रतिबंध भारत से जुड़े यूजर्स पर लागू हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत, इस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में इतने बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई यह दिखाती है कि एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के भीतर निगरानी और दुरुपयोग रोकने की प्रक्रिया कितनी व्यापक हो चुकी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूजर्स ने किस बात की शिकायत की?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जनवरी के दौरान कुल 27,981 शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें से 520 अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई. सबसे अधिक शिकायतें बैन अपील से जुड़ी थीं जिनकी संख्या 16,328 रही. इसके अलावा अन्य सपोर्ट से संबंधित 11,198 मामले सामने आए. अकाउंट सपोर्ट के 139 और सुरक्षा से जुड़े 215 मामलों की भी रिपोर्ट की गई.<br /><br />यह आंकड़े बताते हैं कि आज यह ऐप सिर्फ चैटिंग तक सीमित नहीं है. लोग इसे बिजनेस, पढ़ाई और पर्सनल बातों के लिए भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए अकाउंट बंद होना कई बार गंभीर असर डाल सकता है.<br /><br /><strong>सरकारी निगरानी और आदेशों का पालन</strong><br />रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शिकायत अपीलीय समिति से 16 आदेश प्राप्त हुए और सभी का पालन किया गया. यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी लगातार सख्त हो रही है. कंपनी का कहना है कि वह नुकसान होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही गलत गतिविधियों को रोकने पर जोर देती है. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ-साथ इंजीनियरिंग टीम और गलत इस्तेमाल को पहचानने वाली टीम काम करती हैं ताकि प्लेटफॉर्म सुरक्षित बना रहे.</p>

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