फिर आने वाला है LPG संकट, जानें आपके लिए इंडक्शन बेस्ट रहेगा या इंफ्रारेड चूल्हा?

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<p style="text-align: justify;"><strong>Induction Vs Infrared Cooktop:</strong> ईरान युद्ध के कारण भारत में LPG की सप्लाई पर असर पड़ा था. इस कारण कई लोगों को समय पर LPG सिलेंडर नहीं मिल पाए. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण LPG भारत नहीं पहुंच पाई और इसका असर आम आदमी की रसोई पर देखने को मिला. LPG शॉर्टेज के बीच लोगों ने इंडक्शन और इंफ्रारेड चूल्हे खरीदने शुरू कर दिए थे. अब सरकारी अधिकारियों का कहना है कि LPG सप्लाई को पूरी तरह बहाल होने में 3-4 साल का समय लग सकता है. ऐसे में अगर आप इस शॉर्टेज को देखते हुए बिजली से चलने वाले चूल्हे खरीदना चाहते हैं तो आज आपको बताने जा रहे हैं कि <a title="इंडक्शन चूल्हे" href=" target="_self">इंडक्शन चूल्हे</a> या इंफ्रारेड में से आपके लिए कौन-सा बेस्ट रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या होता है इंडक्शन चूल्हा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हे के कुकिंग सरफेस के नीचे तांबे या एल्युमिनियम की कॉइल लगी होती है. जब इसे ऑन किया जाता है तो इसके ऊपर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड पैदा होता है, जिससे सरफेस की बजाय इसके ऊपर रखा बर्तन गर्म होने लगता है. इन्हें ज्यादा एफिशिएंट माना जाता है और इन पर खाना जल्दी बनता है. इसका रखरखाव भी आसान होता है और इसे यूज करना सेफ माना जाता है. इसके लिए इंडक्शन फ्रेंडली बर्तनों की जरूरत पड़ती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इंफ्रारेड चूल्हा कैसे काम करता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><a title="इंफ्रारेड चूल्हा" href=" target="_self">इंफ्रारेड चूल्हा</a> सिरेमिक ग्लास का बना होता है, जिसके नीचे कॉइल या हैलोजन लैंप जैसा एक हाई पावर इंफ्रारेड हीटिंग एलिमेंट लगा होता है. यह लगाातर इंफ्रारेड रेडिएशन छोड़ता है, जो ऊपर रखे बर्तन को गर्म कर देती है. इसकी खास बात है कि इस पर इंडक्शन की तरह मेग्नेटिक बर्तनों की जरूरत नहीं पड़ती. इस पर हर प्रकार के बर्तनों में खाना पकाया जा सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Induction Vs Infrared Cooktop: कौन ज्यादा बिजली खाता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बिजली खाने के मामले में इंफ्रारेड चूल्हे इंडक्शन से आगे है. इसके पीछे की वजह दोनों की अलग-अलग तकनीक है. दरअसल, इंफ्रारेड चूल्हा रेडिएंट हीट यूज करते हैं. इससे ये गर्म देर से होते हैं और इन्हें ठंडा होने में भी ज्यादा समय लगता है. इस कारण यह इंडक्शन से ज्यादा बिजली खाता है, जो तुरंत गर्म और ठंडा हो जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक घंटा यूज करने पर दोनों कितनी बिजली खाएंगे?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2000 वॉट वाला इंफ्रारेड चूल्हा एक घंटे के यूज के दौरान 2 यूनिट बिजली खाता है. इसकी तुलना में 2000 वॉट का इंडक्शन चूल्हा 1.5 यूनिट तक की बिजली की खपत करेगा. अगर 8 रुपये यूनिट के हिसाब से खर्चा देखा जाए तो एक घंटे में इंफ्रारेड चूल्हा 16 रुपये की बिजली खाएगा, जबकि इंडक्शन लगभग 12 रुपये की बिजली की खपत करेगा.</p>
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