<p style="text-align: justify;"><strong>BharatGen AI Model:</strong> एआई को लेकर तेज होती रेस के बीच भारत भी अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ है. फ्रांस के Nice शहर में आयोजित Bharat Innovates 2026 इवेंट के दौरान IIT Bombay ने BharatGen नाम से एक साथ कई <a title="एआई मॉडल" href=" target="_self">एआई मॉडल</a> लॉन्च किए हैं. इनकी खास बात यह है कि ये मॉडल भारतीय भाषाओं में सोच सकते हैं. चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई मॉडल जहां इंग्लिश और दूसरी ग्लोबल लैंग्वेजेज पर फोकस कर तैयार किए गए हैं, वहीं BharatGen मॉडल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भी 22 भाषाओं को समझ और उनमें कंटेट जनरेट कर पाएंगे. यानी एआई मॉडल अब न सिर्फ भारतीय भाषाओं को समझ सकेंगे बल्कि इनमें कंटेट भी जनरेट कर पाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग एआई मॉडल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">BharatGen में अलग-अलग टास्क के लिए अलग-अलग एआई मॉडल्स शामिल हैं. इसमें सबसे प्रमुख Param2 है. यह फाउंडेशनल टेक्स्ट मॉडल है, जो रीजनिंग, कोडिंग और एक्सटर्नल टूल्स को यूज कर सकता है. यह सभी भारतीय भाषाओं में काम करने में सक्षम है. इस कलेक्शन में शामिल Shrutam2 मॉडल स्पीच को अलग-अलग भारतीय भाषाओ में कन्वर्ट कर सकता है. इसी तरह Sooktam2 एक टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल है, जो बिल्कुल छोटे से सैंपल से वॉइस क्लोनिंग करने की एबिलिटी रखता है. IIT Bombay ने इसमें Patram को भी शामिल किया है. यह देश में सामान्य तौर पर यूज होने वाले डॉक्यूमेंट्स और फॉर्म्स को समझ सकेगा. IIT Bombay का कहना है कि BharatGen को गवर्नेंस, हेल्थकेयर, एजुकेशन, फाइनेंस और इंश्योरेंस आदि सेक्टरों में यूज के लिए डेवलप किया गया है. अलग-अलग संस्थानों के 60 से अधिक रिसर्चर, भाषाविद और इंजीनियरों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टाइमिंग भी बहुत अहम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">BharatGen मॉडल्स को ऐसे समय पर लॉन्च किया गया है, जब एआई को स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी के तौर पर देखा जाने लगा है. हाल ही में अमेरिका के कहने पर एंथ्रोपिक ने अपने <a title="Fable 5 और Mythos 5" href=" target="_self">Fable 5 और Mythos 5</a> मॉडल पर विदेशी नागरिकों के लिए ताला लगा दिया था. इसके बाद यह चिंता बढ़ने लगी है कि जियोपॉलिटिक्स के कारण दुनिया के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल पूरी दुनिया तक नहीं पहुंच पाएंगे. भारत दुनिया के सबसे बड़े AI बाजारों में से एक बनता जा रहा है और यहां आम लोगों से लेकर स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियां पश्चिमी कंपनियों के एआई मॉडल पर निर्भर हैं. ऐसे में BharatGen एक नई उम्मीद पैदा कर सकता है, जो भारत के लोगों को अपनी भाषा में एआई से इंटरैक्ट करने का मौका देगा.</p>
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अब भारत की भाषा में सोचेगा एआई, IIT Bombay ने लॉन्च किए दमदार नए मॉडल
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