<p style="text-align: justify;"><strong>Google Action on AI Scams:</strong> Google ने एक संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका की फेडरल कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया है. यह मामला चीन से जुड़े एक बड़े गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है जिसे Outsider Enterprise नाम दिया गया है. आरोप है कि यह नेटवर्क AI टूल Gemini का गलत इस्तेमाल करके लाखों लोगों को फर्जी वित्तीय धोखाधड़ी में फंसाने की कोशिश कर रहा था.</p>
<h2 style="text-align: justify;">Gemini का गलत इस्तेमाल और फर्जीवाड़े का विस्तार</h2>
<p style="text-align: justify;">जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने<a href=" Google</a> के AI मॉडल Gemini का उपयोग एक हथियार की तरह किया. इसके जरिए फिशिंग अटैक को आसान और तेज बनाने के लिए दर्जनों सॉफ्टवेयर टूल तैयार किए गए जिनकी मदद से नकली मैसेज और वेबसाइट्स बड़े पैमाने पर बनाई जा सकीं.</p>
<p style="text-align: justify;">यह गिरोह इतनी चालाकी से काम कर रहा था कि असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता था. इसी तकनीक का इस्तेमाल करके YouTube, Google, अमेरिकी डाक सेवा और न्यूयॉर्क के टोल सिस्टम जैसी भरोसेमंद संस्थाओं की नकली कॉपी तैयार की गई.</p>
<h2 style="text-align: justify;">लाखों फर्जी लिंक और हजारों नकली वेबसाइट्स का जाल</h2>
<p style="text-align: justify;">कानूनी दस्तावेजों के अनुसार इस साइबर नेटवर्क ने इंटरनेट पर धोखाधड़ी का एक विशाल जाल बिछा दिया था. एक मिलियन से ज्यादा संदिग्ध वेब एड्रेस बनाए गए जिनका इस्तेमाल लोगों को फंसाने के लिए किया गया. इसी के साथ करीब 9,000 ऐसी नकली वेबसाइट्स भी तैयार की गईं जो दिखने में असली साइट्स जैसी थीं लेकिन उनका मकसद यूजर्स की निजी जानकारी जैसे पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चुराना था.</p>
<h2 style="text-align: justify;">दो हफ्तों में 25 लाख स्कैम मैसेज का हमला</h2>
<p style="text-align: justify;">मई महीने के सिर्फ दो हफ्तों के भीतर इस नेटवर्क ने Android यूजर्स को सीधे 25 लाख से ज्यादा फर्जी मैसेज भेजे. इन मैसेज का मकसद लोगों को डराकर या लालच देकर क्लिक करवाना था. इसी दौरान करीब 55,000 यूजर्स ने इन संदिग्ध संदेशों की रिपोर्ट भी की जिससे इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">करोड़ों डॉलर के नुकसान की आशंका</h2>
<p style="text-align: justify;">हालांकि Google ने पूरे नुकसान का सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन यह साफ है कि इस स्कैम के कारण अमेरिका में कई लोग अपने पैसे गंवा चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह धोखाधड़ी लाखों डॉलर के नुकसान तक पहुंच चुकी है और इसका असर हजारों-लाखों यूजर्स पर पड़ा है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">Google, FBI और टेलीकॉम कंपनियों की संयुक्त कार्रवाई</h2>
<p style="text-align: justify;">यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि Google पहली बार इतने बड़े स्तर पर FBI और अमेरिका की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों AT&T, Verizon और T-Mobile के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहा है. इन सभी संस्थाओं का उद्देश्य ऐसे स्कैम नेटवर्क को ट्रैक करना और उन्हें रोकना है ताकि फर्जी मैसेज यूजर्स तक पहुंच ही न सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">यह संयुक्त प्रयास दिखाता है कि AI आधारित साइबर अपराध अब एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है जिसे रोकने के लिए टेक कंपनियों और कानून एजेंसियों को साथ मिलकर काम करना पड़ रहा है.</p>
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