<p style="text-align: justify;"><strong>China Robotic Snake:</strong> चीन में हर साल एक बहुत बड़ा परीक्षा होती है, जिसे GaoKao कहते हैं. यह चीन का सबसे बड़ा कॉलेज एडमिशन एग्जाम है, जिसमें इस साल करीब 1 करोड़ 29 लाख यानी 12.9 मिलियन छात्र बैठे. यह परीक्षा छात्रों की पूरी जिंदगी बदल सकती है, इसलिए इसे वहां बेहद गंभीरता से लिया जाता है. परीक्षा के दौरान अगर बिजली एक पल के लिए भी चली जाए, तो लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. इसीलिए चीन ने इस बार बिजली की जांच के लिए एक बहुत ही अनोखी तकनीक का इस्तेमाल किया रोबोटिक स्नेक यानी रोबोट सांप. </p>
<h3 style="text-align: justify;">कैसे काम करते हैं ये रोबोटिक स्नेक?</h3>
<p style="text-align: justify;">ये रोबोटिक सांप देखने में बिल्कुल असली सांप जैसे लगते हैं. इनका शरीर कई जोड़ों से मिलकर बना होता है, जिससे ये बिजली के तारों पर आसानी से लिपट सकते हैं और आगे-पीछे सरक सकते हैं. इनमें कैमरे और सेंसर लगे होते हैं जो टूटे हुए तारों, घिसे हुए पुर्जों और असामान्य तापमान को पकड़ लेते हैं. इन्हें चीन के युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग में तैनात किया गया था. यह रोबोट उन जगहों पर भी पहुंच जाते हैं जहां इंसान आसानी से नहीं जा सकता जैसे ऊंचे बिजली के खंभे या खतरनाक तार. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><a href=" टेक्नोलॉजी पर काम करता है Smart Meter? जानिए क्या इसे हैक किया जा सकता है?</strong></a></p>
<h3 style="text-align: justify;">इंसानों और ड्रोन से तीन गुना बेहतर साबित हुए ये रोबोट</h3>
<p style="text-align: justify;">इन रोबोटिक सांपों ने एग्जाम सेंटर के पास एयरपोर्ट नो-फ्लाई जोन के इलाकों में बिजली के 130 किलोमीटर से ज्यादा के तारों की जांच की और यह इंसानी जांच से तीन गुना ज्यादा तेज और कारगर साबित हुए. आमतौर पर बिजली के तारों की जांच के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होता है, लेकिन ड्रोन हर जगह नहीं उड़ सकते खासकर हाई-वोल्टेज तारों के पास उनमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस होती है जिससे वो कंट्रोल से बाहर हो सकते हैं. इसके अलावा ड्रोन की बैटरी भी जल्दी खत्म होती है और <a title="मौसम" href=" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> का भी उन पर असर पड़ता है. ऐसे में रोबोटिक स्नेक एक बेहतरीन विकल्प साबित हुए. </p>
<h3 style="text-align: justify;">तकनीक और परीक्षा का यह अनोखा मेल</h3>
<p style="text-align: justify;">यह पूरा मामला सिर्फ एक रोबोट की कहानी नहीं है यह इस बात की मिसाल है कि चीन अपने छात्रों की परीक्षा को लेकर कितना सतर्क है. रोबोट डॉग्स भी हाई-वोल्टेज इलाकों में बिजली की जांच के लिए लगाए गए थे. ड्रोन और फिक्स्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ मिलकर ये रोबोटिक प्लेटफॉर्म बिजली के बुनियादी ढांचे पर लगातार नज़र रखते हैं. एक तरफ लाखों बच्चे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा दे रहे थे, और दूसरी तरफ तारों पर रोबोट सांप रेंगकर यह सुनिश्चित कर रहे थे कि एक पल के लिए भी बिजली न जाए. यह तकनीक और इंसानी जरूरत का एक अनोखा मेल था जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया. </p>
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China Robotic Snake: GaoKao टेस्ट से पहले चीन ने बिजली के तारों में लपेट दिए रोबोटिक स्नेक, ये कैसे करते हैं फॉल्ट की जांच?
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