स्टॉक मार्केट का फर्जी इन्वेस्टमेंट लिंक भेजकर ठग लिए 2.1 करोड़, जानें पूरा मामला और ऐसे Cyber Fraud से बचने का तरीका

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Cyber Scams: आजकल सोशल मीडिया पर साइबर फ्रॉड काफी हो रहा है. साइबर क्राइम करने वाले लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को अलग-अलग तरीके से धोखा देते हैं, और उनके लाखों-करोड़ों रुपये ठग लेते हैं. ऐसा ही एक नया साइबर फ्रॉड पुणे में हुआ है. पुणे में रहने वाले एक इंसान के साथ स्टॉक मार्केट में इन्वेंस्टमेंट के नाम पर 2.1 करोड़ रुपये की ठगी हो गई है. 

कैसे किसी अनजाने में ठगे 2.15 करोड़ रुपये?

पुणे में रहने वाला 45 वर्षीय यह इंसान भारतीय क्लिनिकल रिसर्च फर्म के सांख्यिकी विभाग में काम करता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुणे में रहने वाले इस व्यक्ति ने नवंबर के अंत में सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म एक एड देखा था, जो अमेरिका के एक प्रतिष्ठित कैपिटल फंड से जुड़ा हुआ था, और ऑनलाइन ट्यूटोरियल की सर्विस ऑफर करता था. यह प्लेटफॉर्म एक शानदार इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो होने का दावा करता था.

लुभावने एड के झांसे में आकर पीड़ित व्यक्ति ने उस एड पर क्लिक किया, जिसके बाद उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप के सभी मेंबर्स को ट्यूटोरियल दिए गए, जिसमें लोगों को इन्वेस्टमेंट करने के लिए प्रेरित किया गया.

इस प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्टमेंट करने के लिए उन्होंने एक मोबाइल ऐप डाउनलोड किया और निर्देष के अनुसार जितना कहा गया था उतना निवेश किया. उस ऐप में इन्वेस्टमेंट पर शानदार रिटर्न मिलने का प्रचार किया जा रहा था.

कुछ हफ्तों में, उन्होंने अपनी संपत्ति की बिक्री से मिली रकम और निवेश के लिए विशेष रूप से सुरक्षित 70 लाख रुपये के ऋण से प्राप्त कुल 2.15 करोड़ रुपये को इन्वेस्टमेंट के लिए ट्रांसफर कर दिया। इस इन्वेस्टमेंट के बाद फ्रॉड लोगों के प्रशासकों ने एक तेल कंपनी के आईपीओ में 4.33 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करने पर जोर दिया.

इस नए इन्वेस्टमेंट को ना कर पाने पर पीड़ित व्यक्ति को बताया गया कि उनके पिछले इन्वेस्टमेंट को फ्रीज कर दिया गया है. उसके बाद पुणे में रहने वाले इस व्यक्ति को शक हुआ, और उन्होंने ध्यान दिया कि इन्वेस्टमेंट कराने वाले फ्रॉड ग्रुप से सभी बातचीत सिर्फ चैट के माध्यम से हुई है. उन्होंने शेयर मार्केट में कपनी के बारे में ज्यादा सर्च किया और देखा कि ऐसे किसी कंपनी का शेयर मार्केट से कोई लेना-देना नहीं है.

पीड़ित को जबतक इन सभी बातों का अहसास हुआ, और साइबर फ्रॉड का पता चला तब तक उन्होंने 6 बार में 2.15 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए थे. पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच में पाया गया कि उस ऐप को सभी डॉक्यूमेंट्स और जानकारियां फर्जी थी.

ऐसे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स से कैसे बचें?

  • इस तरह के घोटालों से बचने के लिए आपको किसी भी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए पहले उसके बारे में अच्छी तरह से छानबिन करनी चाहिए.
  • उस कंपनी के बारे में अपने दोस्तों और रिस्तेदारों से पूछकर जानकारी जमा करनी चाहिए.
  • इन्वेस्टमेंट बेचने वाली कंपनी की बातों पर पूरा भरोसा नहीं करना चाहिए. 
  • किसी भी कंपनी में इन्वेस्ट करने से पहले उस कंपनी के व्यापार को समझना चाहिए, और उसी व्यापार से जुड़े लोगों, और कंपनी के माध्यमों से भी इन्वेस्टमेंट करने वाली कंपनी के बारे में पता करना चाहिए.
  • SEC और FINRA के ऑनलाइन डेटाबेस का उपयोग करके इन्वेस्टमेंट बेचने वाले इंसान या कंपनी की लाइसेंस और अनुशासनात्मक इतिहास की जानकारी जरूर जाननी चाहिए.
  • विदेशी कंपनी या विदेश के किसी भी तरह के प्रोमेटिंग इवेंट वाली इन्वेस्टमेंट के झांसे में ना आए. किसी भी तरह का प्रमोशन किया गया हो, आप अच्छी तरह से जांच किए बिना निवेश ना करे.
  • किसी भी इन्वेस्टमेंट की शुरुआत में कम से कम रकम लगाने की कोशिश करें, ताकि अगर आपका नुकसान हो भी जाए तो ज्यादा ना हो.

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