चीन का नया खतरनाक हथियार! मच्छर जितना छोटा हथियार बदल देगा युद्ध का चेहरा! जानें किस तकनीक पर करता है काम

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<p style="text-align: justify;"><strong>China Microdrone:</strong> चीन ने एक ऐसा माइक्रो ड्रोन विकसित किया है जो आकार में मच्छर जैसा छोटा है और युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है. यह खुलासा &lsquo;साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट&rsquo; की एक रिपोर्ट में हुआ है. यह ड्रोन चीन के हुनान प्रांत स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) की एक रोबोटिक्स लैब द्वारा तैयार किया गया है. इस अत्याधुनिक माइक्रो ड्रोन को हाल ही में CCTV-7 (चीन का मिलिट्री चैनल) पर दिखाया गया. शो के दौरान NUDT के एक छात्र लिआंग हेशियांग ने इस छोटे से ड्रोन को अपने हाथ में पकड़कर बताया कि यह बायोनिक रोबोट मच्छर जैसा दिखता है और खासतौर पर जासूसी और गोपनीय सैन्य अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>मच्छर जितना ड्रोन</strong></h2>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">The Chinese military unveils a tiny drone the size of a mosquito.<br /><br />The creators believe such a drone is nearly impossible to detect, making it ideal for reconnaissance. A compact handheld device is all that’s needed for control.<br /><br />China is ahead of the rest of the world… <a href="
&mdash; Alexe&iuml; (@jeanlol67573289) <a href=" 21, 2025</a></blockquote>
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</p>
<p style="text-align: justify;">इस ड्रोन की बनावट में दो छोटे पंख हैं जो पत्तों जैसे दिखते हैं, साथ ही इसमें तीन बेहद पतले पैरों जैसी संरचना है. इसकी लंबाई लगभग 1.3 सेंटीमीटर है यानी यह एक सामान्य मच्छर जितना ही छोटा है. इसे स्मार्टफोन से कंट्रोल किया जा सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>कहां-कहां हो सकता है इस्तेमाल?</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">इस तरह के माइक्रो ड्रोन खासतौर पर खुफिया अभियानों में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं, क्योंकि यह आकार में बहुत छोटा होने के कारण आसानी से नज़र में नहीं आता. आपदा के बाद मलबे में फंसे लोगों को खोजने में भी इसका उपयोग हो सकता है. इसमें लगे सेंसर से हवा या पानी की गुणवत्ता जैसे पर्यावरणीय आंकड़े भी एकत्र किए जा सकते हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>क्या हैं चुनौतियां?</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, इस तकनीक के साथ कुछ सीमाएं भी हैं. छोटे आकार के कारण यह ड्रोन बहुत अधिक भार नहीं उठा सकता, जिससे इसमें सीमित संख्या में सेंसर या उपकरण लगाए जा सकते हैं. साथ ही, इसकी बैटरी लाइफ भी अपेक्षाकृत कम होती है. फिर भी, बैटरी टेक्नोलॉजी, सेंसरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के चलते भविष्य में ऐसे ड्रोन और ज्यादा सक्षम हो सकते हैं.</p>
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