<p style="text-align: justify;"><strong>Smartphones and PC:</strong> आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है उसका असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है. बीते कुछ महीनों में RAM और SSD जैसे अहम कंपोनेंट्स की कीमतें दोगुनी से लेकर तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं. अब यही महंगाई स्मार्टफोन और पर्सनल कंप्यूटर (PC) जैसे रोज़मर्रा के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ तक पहुंचने वाली है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">मेमोरी चिप्स की भारी कमी, सप्लाई पूरी तरह फुल</h2>
<p style="text-align: justify;">मेमोरी इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix, जिनका मिलकर बाजार में 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है, साफ कह चुकी हैं कि इस साल उनकी पूरी प्रोडक्शन कैपेसिटी पहले ही बुक हो चुकी है. रिसर्च फर्म IDC के मुताबिक, मेमोरी चिप्स की यह अभूतपूर्व कमी 2027 तक बनी रह सकती है, क्योंकि AI डेटा सेंटर्स की मांग लगातार सप्लाई से आगे निकल रही है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">सस्ती मेमोरी का दौर खत्म होने के संकेत</h2>
<p style="text-align: justify;">IDC का यह भी कहना है कि उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति सस्ती और आसानी से मिलने वाली मेमोरी व स्टोरेज के दौर के अंत की शुरुआत हो सकती है. कम से कम आने वाले कुछ सालों तक RAM और स्टोरेज पहले जैसी सस्ती नहीं रहने वाली.</p>
<p style="text-align: justify;">5 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें</p>
<p style="text-align: justify;">फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, Dell, Lenovo, Raspberry Pi और Xiaomi जैसी बड़ी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि चिप्स की कमी के चलते उनके प्रोडक्ट्स की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक का इज़ाफा हो सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कंपनियों के लिए लागत संभालना हुआ मुश्किल</h2>
<p style="text-align: justify;">पिछले साल नवंबर में एक अर्निंग कॉल के दौरान Dell के COO जेफ क्लार्क ने कहा था कि कंपनी ने पहले कभी इतनी तेज़ी से लागत बढ़ते नहीं देखी. वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी PC निर्माता Lenovo ने आने वाली कमी से निपटने के लिए मेमोरी चिप्स और दूसरे ज़रूरी कंपोनेंट्स का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">2027 तक टाइट रह सकती है सप्लाई</h2>
<p style="text-align: justify;">सिटीग्रुप के एनालिस्ट पीटर ली के मुताबिक, AI डेटा सेंटर्स की मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा है और नई उत्पादन क्षमता जुड़ने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे. ऐसे में 2027 तक मेमोरी की सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">कुछ कंपनियों ने बढ़ाए दाम, कुछ को राहत</h2>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में Asus ने ऐलान किया है कि वह 5 जनवरी से अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाएगी. वहीं Dell भी अपने हाई-एंड मेमोरी प्रोडक्ट्स की कीमतों में 55 डॉलर से लेकर 765 डॉलर तक की बढ़ोतरी की योजना बना रही है. हालांकि Apple और Samsung जैसी बड़ी टेक कंपनियां अपने लंबे समय के सप्लाई एग्रीमेंट्स की वजह से फिलहाल इन बढ़ोतरी से कुछ हद तक बची रह सकती हैं.</p>
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