<p style="text-align: justify;"><strong>Android Privacy Features:</strong> प्राइवेसी के मामले में आईफोन को सबसे आगे समझा जाता है. कुछ समय पहले तक यह बात सही थी, लेकिन अब <a title="आईफोन और एंड्रॉयड" href=" target="_self">आईफोन और एंड्रॉयड</a> फोन के बीच इस मामले में मुकाबला कड़ा हो गया है. अब गूगल भी ऐसे फीचर्स ला रही है, जिनकी मदद से यूजर की प्राइवेसी को कॉम्प्रोमाइज करना बहुत मुश्किल काम बन गया है. आज हम कुछ ऐसे प्राइवेसी फीचर्स की बात करेंगे, जो अभी केवल एंड्रॉयड पर ही मिलते हैं और आईफोन यूजर्स इनका इंतजार ही कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्राइवेसी डिस्प्ले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सैमसंग ने इसी साल फरवरी में लॉन्च हुए अपने <a title="Galaxy S26 Ultra में प्राइवेसी डिस्प्ले" href=" target="_self">Galaxy S26 Ultra में प्राइवेसी डिस्प्ले</a> का ऑप्शन दिया है. पहली बार किसी फोन में ऐसा फीचर आया है. इसे इनेबल करने के बाद यूजर के आसपास बैठे लोगों के लिए स्क्रीन एकदम डार्क हो जाती है. यानी स्क्रीन पर चल रहे कंटेट को यूजर को अलावा कोई नहीं देख पाता. इससे प्राइवेसी की चिंता भी दूर हुई है और अलग से प्राइवेसी स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाने का झंझट भी खत्म हो गया है. अब दूसरी कंपनियां अपने एंड्रॉयड फोन में इस फीचर को कॉपी करने में लगी हुई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सेकेंडरी स्पेस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एंड्रॉयड फोन में सेंसेटिव ऐप्स के लिए सेकेंडरी स्पेस का ऑप्शन मिलता है. पहली नजर में यह आईफोन के हिडन फोल्डर जैसा फीचर लग सकता है, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है. एंड्रॉयड के सेकेंडरी स्पेस के लिए अलग से पिनकोड और पैटर्न सेट किया जा सकता है. साथ ही इस स्पेस को पूरी तरह हाइड किया जा सकता है, जबकि आईफोन का हिडन फोल्डर विजिबल ही रहता है. इसके अलावा एंड्रॉयड फोन के सेकेंडरी स्पेस की ऐप्स को अलग गूगल अकाउंट से भी कनेक्ट किया जा सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिल्ट-इन VPN</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप इंटरनेट पर अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित है तो गूगल पिक्सल स्मार्टफोन में मिलने वाला बिल्ट-इन VPN फीचर आपके खूब काम सकता है. पिक्सल 7 के बाद के मॉडल में यह फीचर मिलता है और इसे सेटिंग में जाकर इनेबल किया जा सकता है. <a title="VPN" href=" target="_self">VPN</a> से इंटरनेट ब्राउज करने पर आपका IP एड्रेस मास्क हो जाता है और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक नहीं कर सकते.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑटो-रीसेट परमिशन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आईफोन और एंड्रॉयड दोनों ही फोन में ऐप्स को दी गई परमिशन को रीसेट करने का ऑप्शन मिलता है. आईफोन में जहां मैनुअली एक-एक ऐप की परमिशन को रिव्यू करने की जरूरत पड़ती है, वहीं एंड्रॉयड यह काम अपने आप कर देता है. एंड्रॉयड फोन में ऑटो-रिसेट परमिशन का ऑप्शन होता है. इसे इनेबल करते ही यह कुछ समय से यूज न होने वाली सारी ऐप्स की परमिशन को रीसेट कर देता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- </strong><strong><a title="ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम के दिन गए, माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्य नडेला ने AI Agents को बताया फ्यूचर" href=" target="_self">ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम के दिन गए, माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्य नडेला ने AI Agents को बताया फ्यूचर</a></strong></p>
Android फोन्स पर प्राइवेसी के लिए मिलते हैं ये धाकड़ फीचर्स, आईफोन वालों को आज भी इनका इंतजार
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